Home » Blog » प्रभावितों की चेतावनी : पांच दिनों में हो मांग पूरी, नहीं तो एनटीपीसी पर करेंगे तालाबंदी

प्रभावितों की चेतावनी : पांच दिनों में हो मांग पूरी, नहीं तो एनटीपीसी पर करेंगे तालाबंदी

by

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ विकास खंड में एनटीपीसी की ओर से निर्माणाधीन तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना प्रभावितों ने अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर चलाए जा रहे धरने के दौरान सोमवार को छठवें दिन उप जिलाधिकारी जोशीमठ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर अर्टीमेंटम दिया है कि पांच दिन के भीतर उनकी मांग पूरी नहीं की जाती है तो एनटीपीसी की सभी आवश्यक सेवाओं को बंद करते हुए तालाबंदी कर तहसील कार्यालय का घेराव किया जाएगा। गौरतलब है कि एनटीपीसी निर्माणाधीन तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना से प्रभावितों ने अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर तपोवन में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। जो सोमवार को छठवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को ज्योतिर्मठ ब्लॉक के प्रधान संगठन के अध्यक्ष व ढाक के प्रधान मोहन बेंजवाल के नेतृत्व में प्रधान और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि उप जिलाधिकारी जोशीमठ से मिले और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी गई है कि यदि परियोजना प्रभावितों की 13 सूत्रीय मांग पर पांच दिन के भीतर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है तो प्रभावित एनटीपीसी, एचसीसी के आवश्यक कार्यों के साथ ही उनके कार्यालयों पर तालाबंदी कर तहसील प्रशासन का घेराव शुरू कर देंगे।

इस दौरान तपोवन की प्रधान पूनम पंत, भंग्यूल के प्रधान मिथलेश फरस्वाण, बडागांव की प्रधान बीना देवी, सेलंग की प्रधान रोशनी देवी, पैनी की प्रधान विनीता देवी, कुंडी के प्रधान विक्रम फरस्वाण, रैणी के प्रधान दीपक राणा, थैंग के प्रधान दिनेश राणा, सुकी के प्रधान बलवंत सिंह रावत, डंग्रा की प्रधान बीना देवी, मेरग की प्रधान लक्ष्मी देवी, गणाई के प्रधान शिवलाल, लंगसी के प्रधान विनोद भंडारी, क्षेपंस जयश्री देवी, लक्ष्मी देवी, दीपेंद्र कैरणी, वर्षा देवी आदि मौजूद रहे।

वहीं दूसरी ओर भारी बारिश और ठंड के बीच परियोजना प्रभावितों का तपोवन में छठवें दिन भी धरना जारी रहा। कर्मकार बोर्ड के सदस्य कृष्णमणि थपलियाल, अजीत पाल रावत, वन सरपंच महेंद्र सिंह रावत, शुभम रावत, बलवीर बिष्ट, बुद्धि सिंह झिक्वाण, मुसूली देवी, वीना देवी, देवेंद्र खानेड़ा सीपीआईएम के जिला सचिव गोविन्द विश्वाकर्मा, बीरेंद्र खानेड़ा, सूरज खानेड़ा, योगेश थपलियाल, मोहन चमोला, धर्मपाल बजवाल, पंकज खानेड़ा, देवेंद्र कोसवाल, सुमित्रा चमोला, लक्ष्मी देवी, सतीश चंद्र डोभाल आदि मौजूद रहे।