कोटद्वार : आज 2 अक्टूबर को उत्तराखण्ड क्रांति दल के नेतृत्व में कोटद्वार के झंडाचौक में मुजफ्फरनगर कांड 1994 में राज्य निर्माण के शहीदों को याद करते हुए, शाम 6:00 बजे आंदोलनकारियों के चित्रों का माल्यार्पण कर, दीपदान कर श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर वक्ताओं द्वारा कहा गया कि 1 अक्टूबर 1994 में उत्तराखण्ड राज्य की मांग को लेकर 2 अक्टूबर 1994 की दिल्ली रैली में जाते समय, 1 अक्टूबर की अर्धरात्रि में मुजफ्फरनगर के समीप रामपुर तिराहे पर तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रैली में जा रहे आंदोलनकारियों के साथ जो बर्बर अत्याचार किया, वह राज्य की मांग का कलंकित इतिहास रहा, जिसमें 7 हत्याएं, दुष्कर्म, छेड़खानी के मामले, जो अभी भी आंदोलनकारी संगठनों द्वारा मुजफ्फरनगर और नैनीताल हाईकोर्ट में लड़ा जा रहा है, और उसमें कुछ दोषियों को सजा भी दिलवाई। पर राष्ट्रीय दलों की सरकारों द्वारा 25 साल में बारी-बारी से राज करने के बाद भी सरकार की ओर से अभी तक कोई पैरवी नहीं की। जो उत्तराखण्ड के स्वाभिमान के लिए न्याय नहीं दिला सकते हैं, वे क्या उत्तराखण्ड का भला कर सकते हैं? इसलिए संकल्प लेते हैं कि उत्तराखंड के सपनों के राज्य के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

आज श्रद्धांजलि में महानगर के अध्यक्ष भारत मोहन काला के संयोजन में केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य महेंद्र सिंह रावत, केंद्रीय उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश भारद्वाज, केंद्रीय महामंत्री हरीश द्विवेधी, केंद्रीय संगठन सचिव सत्यपाल नेगी, गुलाब सिंह रावत, केंद्रीय प्रचार सचिव उमेद सिंह भंडारी, केंद्रीय प्रचार सचिव रवींद्र सोंध, केंद्रीय सचिव पुष्कर सिंह रावत, महानगर महामंत्री हरीश चंद्र ध्यानी, पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ भगवती प्रसाद कंडवाल, सैनिक प्रकोष्ठ के केंद्रीय सचिव देवेंद्र रावत, सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष नरेश धस्माना, सैनिक प्रकोष्ठ के कोटद्वार नगर इकाई, सैनिक प्रकोष्ठ के महामंत्री राजेश कुमार बुढ़ाकोटी, श्रीमती सीमा बिष्ट, अर्चना दुतपुड़ी, देवेश्वरी, शोभा भंडारी, जितेंद्र भंडारी, गोबर्धन प्रसाद काला, हयात सिंह गुसाईं, संजू कश्यप, कुलदीप तोमर, ओम प्रसाद, ओम प्रकाश, मनमोहन नेगी, विनोद अग्रवाल, संजय खंतवाल, सुभाष त्यागी, जयदीप रोतेला, उत्तराखण्ड छात्र संगठन के नवीन भंडारी, नागेंद्र सिंह बिष्ट आदि ने शामिल थे।
