लक्ष्मणझूला : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन तथा जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में नीलकंठ महादेव कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु अनुकूल बनाने के लिए तहसील प्रशासन, विकासखंड कार्यालय एवं जिला पंचायत संयुक्त रूप से व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहे हैं। यात्रा मार्गों पर नियमित साफ-सफाई के साथ पार्किंग, यातायात, चिकित्सा सुविधा, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को निर्बाध, सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। इसके लिए तैनात जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट नियमित रूप से रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे प्रत्येक व्यवस्था पर सतत निगरानी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ पूरी जिम्मेदारी से कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति निरंतर जागरुक किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर उपलब्ध सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जा रही है तथा किसी भी आवश्यकता अथवा समस्या की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) जिला पंचायत संजय खण्डूरी ने बताया कि नीलकंठ क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पंचायत द्वारा 05 जुलाई से 50 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। कूड़े के नियमित निस्तारण के लिए चार कूड़ा पिकअप वाहन लगाए गए हैं, जो प्रतिदिन संकलित अपशिष्ट को निस्तारण केंद्र तक पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला पंचायत की 60 वाहन क्षमता वाली पार्किंग निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है। पार्किंग स्थल पर 10-सीटर शौचालय की व्यवस्था की गई है, जिसमें महिलाओं एवं पुरुषों के लिए पांच-पांच सीटें हैं। इसके अतिरिक्त निकासी द्वार पर एक अन्य शौचालय भी बनाया गया है। पीपलकोटी से पार्किंग स्थल के मध्य महिलाओं एवं पुरुषों के लिए तीन-तीन सीटों वाले बायो-टॉयलेट स्थापित किए गए हैं।
महिला कांवड़ श्रद्धालुओं की सुविधा एवं गरिमा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग पर पिंक टॉयलेट स्थापित किए गए हैं। इन टॉयलेटों में टैंकरों के माध्यम से नियमित रूप से पेयजल एवं जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे स्वच्छता और उपयोगिता बनी रहे। साथ ही, धात्री माताओं एवं शिशुओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अमृत कक्ष (फीडिंग रूम) की भी व्यवस्था की गई है, ताकि महिला कांवड़ियों को यात्रा के दौरान सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सके।
मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षमता वाले कुल चार शौचालय स्थापित किए गए हैं। इनकी नियमित साफ-सफाई के लिए कार्मिकों की रोस्टरवार तैनाती की गई है। साथ ही यात्रा मार्ग पर सूखे एवं गीले कचरे के पृथक संग्रहण हेतु 22 कूड़ेदान लगाए गए हैं, जिन्हें प्रतिदिन तीन बार खाली कर निस्तारण केंद्र भेजा जा रहा है।
एएमए ने बताया कि बरसात के मौसम में फिसलन की संभावना को कम करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंदिर जाने वाले सभी मार्गों पर नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त नीलकंठ क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था की सतत निगरानी एवं प्रभावी संचालन के लिए जिला पंचायत के 10 कार्मिकों को स्थायी रूप से तैनात किया गया है।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें, कूड़ा निर्धारित स्थानों पर ही डालें तथा प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं एवं निर्देशों का पालन करें, जिससे कांवड़ यात्रा सुरक्षित, स्वच्छ एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
