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काल बनी भीषण आग : अलीगंज कोचिंग सेंटर में 15 छात्र-छात्राओं की जलकर मौत, मुख्यमंत्री और रक्षामंत्री पहुंचे मौके पर, SIT गठित

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में सोमवार दोपहर एक रूह कंपा देने वाला महाहादसा सामने आया है। यहाँ के सेक्टर-डी स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में शॉर्ट सर्किट और एसी (AC) का कंप्रेसर फटने से लगी भीषण आग ने 15 घरों के चिरागों को हमेशा के लिए बुझा दिया। हादसे में एनीमेशन कोर्स और कोचिंग करने वाले 15 छात्र-छात्राओं की दम घुटने और जलने से दर्दनाक मौत हो गई।

जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से नीचे कूदे कई छात्रों समेत 9 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में भर्ती कराया गया है। हादसे की भयावहता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर सीधे घटनास्थल पहुंचे। वहीं, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी दिल्ली से लखनऊ पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और संवेदना व्यक्त की।

ग्राउंड फ्लोर से भड़की आग

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब ढाई बजे इस तीन मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित पेट शॉप के वेयरहाउस में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया।

  • भीतर ही फंस गए मासूम: दूसरी और तीसरी मंजिल पर ‘थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर’, गेमिंग जोन और 12वीं तक की कोचिंग चल रही थी, जहां दर्जनों छात्र मौजूद थे।

  • दम घुटने से गई अधिकांश जान: सीढ़ियों पर धुआं और आग फैलने के कारण छात्र भीतर ही फंस गए। दम घुटने के कारण ज्यादातर छात्र-छात्राओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस, दमकल और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने 15 शवों को बाहर निकाला।

40 मिनट देरी से पहुंची दमकल

अग्निकांड के दौरान प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की बेहद शर्मनाक और बड़ी लापरवाही सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है:

  1. देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि आग लगते ही लगातार दमकल विभाग को फोन किया गया, लेकिन पहली गाड़ी पहुंचने में पूरे 40 मिनट लग गए, तब तक आग पूरी तरह बेकाबू हो चुकी थी। बाद में हाइड्रोलिक प्लेटफार्म मंगाना पड़ा।

  2. एंबुलेंस का तमाशा: घायलों को ले जाने के लिए जब 102 हेल्पलाइन पर कॉल किया गया, तो उन्होंने 108 पर कॉल करने को कहा, जबकि 108 वालों ने वापस 102 का नंबर थमा दिया। इस खींचतान के कारण एंबुलेंस भी बेहद देरी से पहुंची।

मृतकों के परिवारों को 7-7 लाख रुपये का मुआवजा

इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सहायता राशि की घोषणा की गई है:

  • पीएम राहत कोष से: प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये।

  • राज्य सरकार की ओर से: प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केजीएमयू अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और ढांढस बंधाते हुए कहा, “हम किसी की जिंदगी तो वापस नहीं लौटा सकते, लेकिन विश्वास दिलाते हैं कि इस क्रूर लापरवाही के दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे।”

चार अधिकारी निलंबित, 4 गिरफ्तार

हादसे के बाद मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

  • 4 अधिकारी सस्पेंड: प्रथम दृष्टया घोर लापरवाही बरतने के आरोप में बिजली विभाग के एक्सईएन गौरव कुमार, फायर विभाग के एफएसएसओ कमलेंद्र कुमार सिंह, एलडीए के एई अनिल कुमार और जेई प्रमोद पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

  • 4 मुख्य आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पेट शॉप मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, एनीमेशन सेंटर संचालक कृष्णा जायसवाल और किरायेदार सुरेश कुमार शाहू को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपी धीरेंद्र और सुरेंद्र शुक्ला की तलाश जारी है।

7 दिन में मांगी रिपोर्ट

मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस दो सदस्यीय जांच दल में संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ के एडीजी जोन प्रवीण कुमार शामिल हैं। सरकार ने एसआईटी को सात दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को सौंपने का सख्त निर्देश दिया है। एलडीए की 5 सदस्यीय आंतरिक कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद कई अन्य बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है।

इन्होंने ने गंवाई जान

हादसे में जान गंवाने वाले पहचाने गए प्रमुख छात्रों में सुखमनी (24, लखनऊ), आदित्य श्रीवास्तव (24, सीतापुर), मोहम्मद अम्मार (24, बाराबंकी), नीलेश (27, लखनऊ), अब्दुल रहमान (24, सीतापुर), संयम विज (27, कानपुर), शहजान सिद्दीकी (18, लखनऊ), अनुक्षा (24, शांतिनगर) समेत सागर, ज्योति, जैनिल, सौमाल्या, भविष्य, सूरज सिंह और अनामिका शामिल हैं। अधिकांश शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।